रोमिंग जर्नलिस्ट

सोमवार, 30 मई 2011

लादेन की कंपनियों में बंधक बने हिंदुस्तानी

लादेन की कंपनियों में बंधक बने हिंदुस्तानी
- पैसठ से ज्यादा भारतीयों को बना लिया गया है बंधक
- तमाम की हालत बहुत खराब,हो रही खून की उल्टी
दिनेश चंद्र मिश्र
दुनिया के सबसे बड़े आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में अमेरिकी कमांडो द्वारा घुसकर मार देने के बाद आतंक का बोलबाला नहीं थमा है। एक तरफ पाकिस्तान में लगातार आतंकी हमले हो रहे हैं, दूसरी तरफ ओसामा बिन लादेन की सऊदी अरब में मौजूद कंपनियों में कार्यरत भारतीय बंधक बन गए हैं। खुदा को प्यारे हो गए आतंकी लादेन की कंपनियों में भारतीयों के साथ कुछ यूरोप के भी लोग बंधक बने हैं। ओसामा बिन लादेन समूह की कंपनियों में भारतीयों के साथ यूएसए के लोगों पर जुल्म ढाने के साथ पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया है। भारत सरकार ने अभी तक यह मामला गंभीरता से नहीं लिया है लेकिन अमेरिकन खुफिया एजेंसी सीआईए इस मामले की पड़ताल में जुट गयी है। सऊदीअरब में लादेन समूह की कंपनियों में ही कार्यरत एक भारतीय कामगार ने फेसबुक पर इस खबरनवीस के मौजूद ‘रोमिंग जर्नलिस्ट’ पर ई-मेल भेजकर यह सनसनीखेज खुलासा किया है।  आप खुद पढि़ए ई-मेल का मजमून और पूरा माजरा।
‘प्लीज हेल्प मी। मेरी जान बचाओ। मैं सऊदी अरब में हूं। यहां मैं सात अक्टूबर 2010 से बीमार हूं। रोज मेरे मुंह से खून आता है। यहां के डाक्टर ने कहा है कि आप जल्दी से जल्दी इंडिया चले जाएं, मगर जिस कंपनी में मैं काम करता हूं वह मुझे घर नहीं भेज रही है। मेरा पासपोर्ट कंपनी के अधिकारियों के पास बंधक है। उसे बाद वापस नहीं कर रहे। मेरा पासपोर्ट नंबर जी-7503973 और मेरा वीजा नंबर 4101267622 है। मेरा नाम मोहम्मद रिजवान है। मेरे जैसे यहां बहुत से भारतीय हैं जिनके पासपोर्ट कंपनी के अधिकारियों ने जब्त कर रखे हैं और हम बंधक बने हुए हैं। प्लीज हेल्प मी... प्लीज हेल्प मी... प्लीज हेल्प मी...’
सात समंदर पार से इस खबरनवीस के फेसबुक पर मोहम्मद रिजवान ने ई-मेल भेजकर जब अपनी पीड़ा बतायी तो दिल दहल उठा। भारतीयों के साथ हो रही ज्यादती देख कर किसी भी हिंदुस्तानी का दिल घबड़ा उठेगा। सऊदी अरब में बंधक बने मोहम्मद रिजवान के ई-मेल से मिली खबर के बाद उनसे संपर्क साधने पर पता चला कि वह अकेले नहीं बल्कि उनके जैसे 65 भारतीय नागरिक सऊदी अरब में ओसामा बिन लादेन समूह से जुड़ी कंपनी एडवांस विजन में बंधक बने हुए हैं। मोहम्मद रिजवान ने बताया कि कंपनी के अधिकारियों से जब अपनी बीमारी के कारण भारत जाने के लिए वे पासपोर्ट मांगते हैं तो उन्हें चोरी के केस में फंसा देने की धमकी दी जाती है। भारत से सऊदी अरब आने के बाद पिछले छह महीने से परेशान हाल रिजवान को पासपोर्ट देने में कंपनी के अधिकारी आनाकानी करने के साथ धमकी दे रहे हैं कि फर्जी मुकदमे में जेल में भिजवा देंगे तो हमेशा के लिए हिंदुस्तान जाना भूल जाओगे।
सऊदी अरब में बिन लादेन समूह से जुड़ी कंपनी एडवांस विजन में ही कार्यरत मोहम्मद रिजवान के साथ दो दर्जन भारतीयों का पासपोर्ट कंपनी के अधिकारियों ने जब्त कर रखा है। मोहम्मद रिजवान ने बताया कि जिन लोगों का पासपोर्ट बिल लादेन की कंपनी के अधिकारियों ने जब्त कर रखा है, वह सब लोग यूपी, बिहार के हैं। मोहम्मद रिजवान के परिवार ने केंद्र सरकार से सऊदी अरब सरकार से बात करके पासपोर्ट दिलाने के लिए कई बार खत भेजा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। उधर मुंह से लगातार खून की उल्टी होने से परेशान मोहम्मद रिजवान के सामने दवा के साथ रोटी की भी समस्या खड़ी हो गयी है। पासपोर्ट के लिए परिजनों की फरियाद केंद्र सरकार द्वारा नहीं सुने जाने के बाद रिजवान ने इस खबरनवीस को अपना दर्द बयां किया है।  
सऊदी अरब में भारतीयों के साथ हो रहे जुल्म-ज्यादती के इस मामले की पड़ताल करने पर पता चला कि बिन लादेन समूह से जुड़ी अन्य कंपनियों ने भी भारतीयों का पासपोर्ट जब्त कर लिया है और कर्मचारियों को बंधक बना रखा है। बिहार के पूर्वी चंपारण के रहने वाले तौफीक ने +966580160763 से फोन करके बताया कि वह मोहम्मद रिजवान की तरह ही जिस कंपनी में काम करता है वहां भी तीस से ज्यादा भारतीयों के पासपोर्ट जब्त हैं। कोई बीमार है तो किसी के घर बेटी का ब्याह तो कोई मातमपुर्सी में भी घर नहीं जा पा रहा है। बिनलादेन समूह से जुड़ी एसबीजी-एबीसी कंपनी में जिस तरह भारतीयों के साथ सलूक किया जा रहा है वह बताते हुए दिल कांपने लगता है। तौफीक ने कहा कि आप भारत सरकार से अपील करें कि वह हम लोगों का पासपोर्ट दिलवा दे ताकि हम वतन लौट सके।
सऊदी अरब में युवाओं को नौकरी का झांसा देकर गुलाम बनाए जाने का इसके पहले कई मामला प्रकाश में आ चुका है। मुंबई के दो युवकों को हाल में ही सरकार के हस्तक्षेप के बाद वहां से आजाद कराया गया है। इसके साथ यह हकीकत भी सामने आई है कि कश्मीर, उत्तर प्रदेश और पंजाब के हजारों युवक मीलों फैले रेगिस्तान में गुलामी का नर्क भोग रहे हैं। इन युवकों को यहां के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले रईसों ने अपने ऊंटों और बकरियों को चराने का काम दे रखा है। इनसे 40 से 50 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान वाली कड़ी धूप में दिन भर काम कराया जाता है, लेकिन खाने के लिए एक वक्त की रोटी तक नहीं दी जाती। साथ ही पानी भी इतना नहीं दिया जाता कि ढंग से गला तर कर सकें। इन युवकों के साथ जानवरों जैसा बर्ताव किया जाता है और बीस घंटे तक काम लिया जाता है। जानलेवा मेहनत के बाद इन्हें एक पैसा तक नहीं दिया जाता। पिछले सप्ताह भारत लौटे अनीस का कहना है, वहां काम के लिए गए भारतीयों के साथ जानवरों सा बर्ताव होता है। प्लेसमेंट एजेंट युवकों को कतर, सऊदी, कुवैत और दुबई में अच्छी नौकरी का झांसा देते हैं और रेगिस्तान में रहने वाले रईसों के हवाले कर देते हैं। उनके अनुसार, देश के कई इलाकों के युवक सऊदी में गुलामी की जिंदगी जी रहे हैं।

2 टिप्‍पणियां:

ANAMIKA ने कहा…

so sad, india govt kya kar rahi hai

ANAMIKA ने कहा…

so sad story

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