रोमिंग जर्नलिस्ट

शनिवार, 31 दिसंबर 2011

थर्टी फर्स्ट की डर्टी मेमोरी पिक्चर

थर्टी फर्स्ट की डर्टी मेमोरी पिक्चर
इकतीस दिसबंर की तारीख दुनिया में भले ही जश्न का पर्व हो, लेकिन अखबारवालों के लिए कैसी होती है? यह बताने से पहले मैं उन भाइयों को गाली नहीं खाना चाहता हूं जो अपनी रात बर्बाद करके इस होटल से लेकर उस क्लब से तक नए साल के स्वागत की मस्ती के सुरुर को देखने के बाद उसको खबर के पैमाने में भरते हैं, ताकि संपादक के साथ पाठकों को भी इसका नशा सबेरे अखबार में दिखे। जश्न की ऐसी कई रातों का खुद भी साक्षी रहा। जम्मू-कश्मीर में भी वहीं मनहूस तारीख आ गयी जब अखबार के साथियों को खबर लिखने और पेज फाइनल करने के बीच में अगर अपने किसी खास का फोन आ गया तो शुभकामना के दो बोल भी नहीं बोल पाते हैं। इकतीस दिसंबर की मीटिंग में नए साल में रियासत को क्या नया मिलेगा इसकी न्यूज प्लानिंग के साथ संपादक प्रमोद भारद्वाज फोटोग्राफर अंकुर की तरफ मुखातिब हुए। फोटो क्या करोगे? सर जो प्रोग्राम होगा, उसकी अच्छी फोटो ले आऊंगा। मेरे दिमाग में एक शब्द गूंज रहा है गुड ब्वाय और गुड बाय। इसको पिक्चर में कैसे ढाला जा सकता है? कई आइडिया सामने आए लेकिन पसंद नहीं आया। मैं इसको लेकर क्या आइडिया हो? इसी सोच में डूबा था, तभी प्रमोद जी ने कहा कि दिनेश तुम बताओ, क्या हो सकता है। जब वह अपनी बात पूरी करते, मेरे दिमाग में एक आइडिया आ गया था। मैने कहा तवी नदी पत्थरों को चीरते हुए पत्थरों को लेकर बहती है। तवी के किनारे अंकुर किसी मासूम बच्चे को ले जाए और  छोटे-छोटे पत्थरों से गुड व्वाय और गुड बाय 2008 लिखने के बाद फोटो कर सकते हैं। यह आइडिया पसंद आते  ही अंकुर को इसे करने का फरमान जारी होने के साथ शाम को अच्छी फोटो आने पर इनाम देने की घोषणा के साथ मीटिंग खत्म। मीटिंग खत्म होने के बाद जम्मू के विक्रम चौक स्थित अमर उजाला दफ्तर से बिना लक्ष्य के रघुनाथ मार्केट की तरफ बढ़ चला। ठंड के मौसम में फर का जैकेट भी हल्का लग रहा था।  तवी नदी के पुल पर पहुंचने के बाद अचानक पैर थम गए। पत्थरों से टकराते हुए बह रही तवी की धारा देखकर सोचने लगा कि अपनी जिदंगी भी ऐसे छोटे-बड़े पत्थरों से टकराकर चलते जाने की भगवान ने लिख दी है। साल के आखिरी दिन सोचने लगा कि आखिर मैने क्या पाया? क्या खोया? बहुत देर तक काशी से जम्मू-कश्मीर आने के बारे में सोचता रहा? अपनी कमियों को ऊंगली के सहारे गिनने लगा तो हाथ-पैर की अंगुलियां कम पड़ गई। कमियों को गिनना छोडक़र माता रानी से प्रार्थना की कि अगर जाने-अनजाने में कोई गलती हो गयी हो तो माफ कीजिएगा। जिन्होंने मेरे साथ बुरा किया हो उनका भी बुरा न कीजिएगा लेकिन अच्छा भी न कीजिएगा। बाबा विश्वनाथ से लेकर माता रानी तक गुजर रहे साल की गलतियों के लिए दिल से माफी मांगने के बाद रघुनाथ मार्केट की तरफ बढ़ चला। बाजार में थर्टी फस्र्ट का सुरूर चढऩे से पहले की खूब चहल-पहल थी। चहल-पहल पता नहीं क्यों अच्छी लग रही थी। घर फोन किया तो कक्षा तीन में पढऩे वाली छोटी बेटी क्षमा ने फोन उठाते हुुए कहा कि आप कब आएंगे। मुझे अपनी सहेलियों को ग्रीटिंग कार्ड देना है। जल्द आने की बात कही तो वह गुस्सा होकर बोली आप क्रिसमस में भी नहीं आए मेला दिखाने। पापा आप बहुत झूठ बोलते हैं। उसको गाड प्रामिस किया कि जल्दी आएंगे। खबर की तलाश में सीबीआई एसपी आफिस पहुंच गया। सीबीआई के एसपी गौड़ साहब मौजूद थे। उनके साथ चाय की चुस्की लेकर जब एक साल में भ्रष्टïाचार के कितने मामले दर्ज हुए? यह जानने की कोशिश की तो पता चला कि जम्मू-कश्मीर के रहने वाले अधिकांश इंस्पेक्टर भ्रष्टïाचार का मुकदमा दर्ज करने की बजाए बाहर ही डील कर लेते हैं। एक साल में दर्ज हुए आंकड़ों का लेखा-जोखा लेकर शाम को ऑफिस आ गया।  सीबीआई की सालाना कुंडली के बाद दूसरे की खबरों की एडिट करने में लग गया। इसी बीच अंकुर फोटो लेकर आ गया था, संपादक के दिमाग के हिसाब से उसने फोटो खींचने में सफल रहा। तवी नदी के किनारे एक फटेहाल और एक खूबसूरत बच्चे को पत्थरों से गुड ब्वाय और गुड बाय लिखते हुए फोटो ले आया। फटेहाल बच्चे वाली फोटो यह कहकर खारिज हो गयी कि इसकी फोटो देखकर पाठकों के दिमाग में सवाल खड़ा होगा, क्या इसको अंग्रेजी आती है? मासूम बच्चे वाली फोटो फ्रंट पेज के लिए फाइनल हुई। अंकुर को सौ रुपए का नकद इनाम मिला। रात नौ बजे संपादक मुझे अपने कमरे में बुलाते हुए एक कार्ड थमाते हुए कहा कि दिनेश मैं चाहता हूं तुम थर्टी फस्र्ट को एंज्वाय करने के साथ इसकी एक खबर भी फाइल करो। अंकुर के साथ उस पार्टी में पहुंचा तो वहां का रंगीन माहौल देखकर लगा नहीं कि मंदिरों की नगरी जम्मू में हूं। अंकुर तो जाने के बाद अपने पीने के जुगाड़ में लग गया। सेना के रिटायर अफसर,  नेताओं के साथ पत्रकारों की मस्ती देखने लायक थी। ऐसी पार्टियों में जुगाड़ से दूर रहने की आदत नहीं है, फिर भी पता नहीं क्यों आज मन नहीं कर रहा था। अकेले बैठकर सिगरेट के कश उड़ा रहा था कि तभी अंकुर सूप का बाउल लेकर आया। बोला सर आप सूप लीजिए। सूप का पहला स्पून हलक में जाते रम का जायका समझ में आ गया, लेकिन उससे कुछ कहा नहीं। एक बाउल खत्म होने के बाद अंकुर से दूसरा भी लाने को कहा। इसी बीच जेके चैनल के एक रिपोर्टर एक खूबसूूरत महिला के साथ नजदीक आए, इनसे एक बार सीबीआई आफिस में मुलाकात हो चुकी थी। मेरी और मुखातिब होते हुए कहा कि इनसे मिलो यह मैडम सकीना। एक उर्दू अखबार की नुमाइंदा है। तुम्हारी खबरों को पढऩे के बाद मिलने की बात कई बार मुझसे की। आज तुम मिल ही गए। आउट आफ कंट्रोल हो चुकी मैडम सकीना ने हाथ मिलाने के बाद बगल में बैठ गयी। फारुख शेख से लेकर रुबिया सईद से तक दोस्ताना की बात कहते हुए ड्रिंक का आफर किया। सूप का दो पैग पहले ही ले चुका था, और लेने पर खुद आउठ आफ कंट्रोल होने के डर से इंकार कर दिया। मैडम शकीना से बातचीत का सिलसिला चल रहा था, इसी बीच फ्लोर पर डांस स्टार्ट हो गया। मैडम शकीना ने डांस का चांस देते हुुए कहा कम विथ मी। आफिस जाकर खबर लिखने का बयाना होने के कारण ..सारी बोला तो उसको बुरा लग गया। मेरे साथ डांस के लिए कितने लोग तरसते हैं तुम इंकार कर रहे हो। हिंदी,अंग्रेजी और उर्दू में ढेरों बातें सुनने के बाद दिल कर रहा था कि मैडम शकीना का दुरुस्त कर दिया जाए, लेकिन माता रानी के आर्शीवाद से गुस्से पर कंट्रोल हो गया। अंकुर को वहीं छोडक़र बाहर निकल आया। नए साल के स्वागत में अभी एक घंटे का समय का बाकी था। पैदल ही आफिस पहुंचकर खबर फाइल की। खबर कम्पलीट होने तक बारह बज गए थे। हैप्पी न्यू ईयर ..हैप्पी न्यू ईयर की गूंज होने लगी। हैप्पी न्यू ईयर के बीच शेरावाली मां का जयकारा सब मिलकर लगाए।  मां के जयकारा के बाद संपादक को गुड नाइट बोलकर चल दिया। विक्रम चौक से गांधीनगर तक की राह में माता रानी से नए साल का सूरज नई किरण लेकर आए यह प्रार्थना करता रहा।
क्रमश:

7 टिप्‍पणियां:

PRITI ने कहा…

Parde ke pichhe ki vastvikta yahi hai. "kya miliye aise logon se jinki fitrat chhupi rahe nakali chehara samne aae asli soorat ......."

ramesh chandra ने कहा…

nice story

अनुपमा पाठक ने कहा…

will wait to read the next post of the series!
Happy new year!
regards,

बेनामी ने कहा…

What heyday isn't today?

बेनामी ने कहा…

Isloman [url=http://associationhealth.net/2002/09/13/scopolamine-dangers/]scopolamine dangers[/url] fading fleeting [url=http://associationhealth.net/2002/09/15/pellet-gun-under-lever/]pellet gun under lever[/url] relaxation revived [url=http://associationhealth.net/2002/09/25/angiotensin-converting-enzyme-inhibitors-side-effectsa/]angiotensin converting enzyme inhibitors side effectsa[/url] offenders staying [url=http://associationhealth.net/2002/10/10/bricanyl-brain-damage-law-firm/]bricanyl brain damage law firm[/url] streaming grow [url=http://associationhealth.net/2002/10/12/betamethasone-valerate/]betamethasone valerate[/url] tears party [url=http://associationhealth.net/2002/10/17/methicillin-resistant-staphlococcus-aureas/]methicillin resistant staphlococcus aureas[/url] passageways incurring [url=http://associationhealth.net/2002/10/28/what-do-darvon-pills-look-like/]what do darvon pills look like[/url] irrecoverably unhurt sourly.

बेनामी ने कहा…

Above yohimbe information flees fear spyker c8 permeated intense theraflu neocitran safety experience emsam order online identifying grey oms services ec1m each obliging simvastatin identification warmer hitched cheap modafinil reluctance dilemmas whispered.

बेनामी ने कहा…

hi there roamingjournalist.blogspot.com owner found your site via yahoo but it was hard to find and I see you could have more visitors because there are not so many comments yet. I have discovered site which offer to dramatically increase traffic to your site http://xrumer-services.net they claim they managed to get close to 4000 visitors/day using their services you could also get lot more targeted traffic from search engines as you have now. I used their services and got significantly more visitors to my website. Hope this helps :) They offer best services to increase website traffic Take care. Roberto

इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.