रोमिंग जर्नलिस्ट

शुक्रवार, 2 नवंबर 2012

आसमां में दिखेगा चांद आवाज में दिखेगी अक्स




दिनेश चन्द्र मिश्र
भारत-चीन सीमा से : भारत-चीन सीमा पर नाथुला के पास तैनात सेना के जवान 
रणधीर सिंह पंजाब के कपूरथला के रहने वाले हैं। रणधीर के पर्स में पत्‍‌नी 
की फोटो हमेशा रहती है। पिछले साल वैसाखी में घर गए थे, पत्‍‌नी से फोन पर 
बातचीत करीबन रोज होती है। भारत मां के इस सपूत पिछले तीन साल से पत्‍‌नी 
की एक शिकायत नहीं दूर कर पा रहे हैं। शिकायत है करवाचौथ पर साथ रहने का, 
ताकि वह अपने चांद का चेहरा देख सके। इस बार चौथा साल है जब वह फिर नहीं जा
पाये। करवाचौथ के दिन क्या करेंगे? इस सवाल पर गहरी आह भरते हुए कहते हैं 
क्या करेंगे, नाथुला हिल्स पर जब चांद दिखाई देगा तो पत्‍‌नी को फोन करके 
हैप्पी करवाचौथ बोलने के बाद आवाज में ही हम दोनों एक दूसरे का अक्स देख 
लेंगे। यह बताने के साथ इस जवान के दिल के साथ आंखों की नमी साफ-साफ दिखाई 
पड़ने लगी। यह दर्द सिर्फ रणधीर का नहीं बल्कि उसके जैसे हजारों जवानों का 
है, जिनके लिए होली, दीपावली, ईद, बकरीद हो या करवाचौथ सब कुछ सरहद पर ही 
मनता है। चीन सीमा पर ही तैनात उत्तरप्रदेश के गाजीपुर जिले के राम प्रवेश 
सिंह के दिल में भी करवाचौथ को लेकर ऐसा ही दर्द है। शादी के बाद आज तक 
करवाचौथ के दिन पत्‍‌नी के साथ नहीं रह सके। पत्‍‌नी जब उनके लंबी उम्र की 
कामना करती है तो उनकी आंखें सरहद पर निगाहबान होती है। चांद दिखाई देने पर
फोन करके करवाचौथ की बधाई देते हुए पानी पी लेने को कहते हैं। पति-पत्‍‌नी
के संबंधों की इस गहराई को भारत मां भी सलाम करती है। अमृतसर के जोगेंद्र 
सिंह की पत्‍‌नी करवाचौथ मनाती है, इस दिन वह सोलह श्रृंगार करके बाद छत पर
पूजा की थाली के साथ मोबाइल फोन लेकर बैठती है। चांद के दीदार के साथ उसके
कान फोन की घंटी सुनने को बेताब रहते हैं। जोगेंद्र के फोन के बाद ही व्रत
पूरा होता है। पिछले साल तो नेटवर्क प्राब्लम के चलते वह रात बारह बजे फोन
कर सके तब तक वह बिना अन्न-जल के उनके फोन का इंतजार करती रही। फोन जब 
मिला होगा तो बातों में प्यार के सागर की गहराई के साथ मजबूरी की खाई का 
अंदाजा आप खुद लगा सकते होंगे। जलपाईगुड़ी जिले के जयगांव से सटा भूटान 
बार्डर है। यहां तैनात सेना के सतपाल तोमर तो करवाचौथ का गिफ्ट कोरियर से 
भेज दिए हैं, लेकिन पत्‍‌नी के पास न होने का दर्द इनका भी सबके ही तरह है।
सिलीगुड़ी से 26 किमी दूर फूलबाड़ी के पास बांग्लादेश बार्डर पर तैनात 
बीएसएफ जवानों के दिल में भी करवाचौथ को लेकर ऐसा ही दर्द भरा है। बिहार के
आरा के रहने वाले शिवमंगल की पत्‍‌नी तो छठ और करवाचौथ दोनों मनाती है, 
लेकिन वह चाहकर भी नहीं पहंुच पाते हैं। सरहद पर ऐसे दर्द को दिल में 
समेटकर भारत मां की सुरक्षा में तैनात जवानों के साथ उनकी पत्नियों को भी 
दिल से प्रणाम करने का दिल करता है। एक सरहद पर दूसरा घर में अपनी 
तमन्ना,खुशियों की कुर्बानी देकर भारत मां की आन, बान और शान के लिए जी-जान
से जुटा है। इन जवानों को एक बार फिर सलाम।

2 टिप्‍पणियां:

वाणी गीत ने कहा…

सभी सैनिको और उनके परिजनों को दिल से शुभकामनायें !

बेनामी ने कहा…

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