रोमिंग जर्नलिस्ट

गुरुवार, 28 मार्च 2013

संजू पर संकट देख होली नहीं मनाएं स्कूली मास्टर




लखनऊ। बालीवुड अभिनेता संजय दत्त को चाहने वालों की तादाद को गिनना अपने आप में टेढ़ी खीर है। संजू बाबा के ऐसे चहेतों में उनके एक गुरु भी है तो आठ साल उसकी देखरेख में कोई कसर नहीं छोड़ी। संजय दत्त जब शिमला के सनोबर हिल्स में मौजूद लारेंस स्कूल में पढ़ते थे तो उस समय हाउस मास्टर के रूप में तैनात डा.डीके गुप्ता संजू बाबा को मिली सजा को लेकर सदमे जैसी स्थिति में है। होली के दिन जब इस खबरनवीस ने डा.गुप्ता को फोन करके हैप्पी होली बोला तो वह बड़े मायूस दिखे। होली के दिन डा.गुप्ता के मायूसी का कारण पूछने पर पता चला कि टीवी पर संजू को सजा को लेकर रोते देखकर होली मनाने का दिल नहीं किया।
होली की चर्चा चली तो डा.गुप्ता को वह दिन याद आ गये जब संजू बाबा एक बार होली में घर नहीं जा पाया था। डा.गुप्ता कहते हैं बात अस्सी के दशक की है, संजू के साथ कई स्टूडेंट घर नहीं जा पाये थे। उनके बीच फिर होली का आयोजन किया। स्वादिष्टï मिठाई के साथ अबीर-गुलाल के बीच संजू और उसके साथियों की मस्ती देखकर मुझे बहुत खुशी हुई। मुझे लगा कि मैं ही इनका यहां मां और बाप दोनों का रोल अदा कर रहा हूं। एक वह होली दूसरी आज की होली। टीवी न्यूज चैनल पर संजू का कोर्ट के साथ समर्पण करने की घोषणा के साथ आई लव इंडिया कहते हुए रोता देखकर मेरा मन भी भर गया है। संजू का परिवार जिस सदमे से गुजर रहा है, उसको देखकर मेरा दिल भी होली मनाने का नहीं किया। होली के दिन लारेंस स्कूल की एलबम निकालकर उन चित्रों को देखता रहा।
प्रदेश की राजधानी में रह रहे संजू बाबा के स्कूली गुरु डा.डीके गुप्ता सन्ï १९९३ में मुंबई में हुए सीरियल ब्लास्ट से जुड़े मुकदमें में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। गौरतलब है कि संजय दत्त को सुप्रीम कोर्ट ने अवैध तरीके से हथियार रखने के जुर्म में पांच साल की सजा सुनाई है। डेढ़ साल की जेल में सजा काट चुके संजय दत्त को बाकी की सजा काटनी है। देशभर में संजय की सजा माफी को उठ रही आवाजों को लेकर सियासत होने को अनुचित बताते हुए डा.गुप्ता कहते हैं अदालती फैसले में हस्तक्षेप करना ठीक नहीं होगा। डा.गुप्ता को उम्मीद है संजू को जो सजा मिली, वह अपने अच्छे आचरण के बदले अदालत से कम करवा सकता हैं।

1 टिप्पणी:

बेनामी ने कहा…

good story

इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.