रोमिंग जर्नलिस्ट

गुरुवार, 25 अप्रैल 2013

यूपी के आठ फीसदी घरों में पहुंच गया कम्प्यूटर


देश में चंडीगढ़ है साइबर की रेस में सबसे आगे, छत्तीसगढ़ है सबसे पीछे
दिनेश चंद्र मिश्र
लखनऊ। सूचना प्रौद्योगिकी की दौड़ में चंडीगढ़ देश में सबसे आगे हैं, इस दौड़ में हिस्सा लेने के लिए यूपी भी अब कम्प्यूटर क्रांति का ककहरा सीखने लगा है। भारत के रजिस्ट्रार जनरल आफ इंडिया की ओर से देशभर के सभी राज्यों में जिन घरों में कम्प्यूटर या लैपटाप मौजूद है? इसकी गिनती के बाद जो आंकड़े आए हैं वह बता रहे है कि प्रदेश के ८.१० प्रतिशत घरों में कम्प्यूटर या लैपटाप पहुंच गया है। यूपी के शहरों में ऐसे घरों की तादाद १५.४० प्रतिशत तो गांवों में भी ५.९० प्रतिशत घरों में कम्प्यूटर क्रांति की अलख जग गयी है। प्रदेश सरकार द्वारा लैपटाप बांटने की योजना का श्रीगणेश करने से आने वाले दिनों में इस अलख की लौ और तेज होने की उम्मीद है। वैसे उत्तराखंड यूपी से इस मामले में आगे है। उत्तराखंड के १०.९० प्रतिशत घरों में कम्प्यूटर पहुंच गया है।
हिन्दुस्तान में सूचना क्रांति के बाद किस प्रदेश में कितनी प्रगति हुई? इसका अंदाजा महारजिस्ट्रार जनरल आफ इंडिया की ओर से कम्प्यूटर और लैपटाप रखने वालों की संख्या देखकर आप बखूबी लगा सकते है। चंडीगढ़ के लोग सूचना व प्रौद्योगिकी की रेस में सबसे आगे है। चंडीगढ़ में ३३.२० प्रतिशत घरों में कम्प्यूटर या लैपटाप मौजूद है। इस हिसाब से चंडीगढ़ के हर तीसरे घर में कम्प्यूटर क्रांति की अलग पहुंच गयी है। चंडीगढ़ के बाद गोवा का नंबर है। गोवा में ३१.२० प्रतिशत घरों में कम्प्यूटर पहुंच गया है। देश की राजधानी दिल्ली इस मामले में तीसरे नंबर पर है। दिल्ली के २९.१० प्रतिशत घरों में कम्प्यूटर पहुंच गया है। चौथे पायदान पर केरला का नाम है। केरल के १५.७० प्रतिशत घरों में कम्प्यूटर पहुंच गया है तो मिजोरम में ऐसे घरों की संख्या १५.२० प्रतिशत है। लक्षद्वीप में १४ प्रतिशत,पांडीचेरी के १३.६० प्रतिशत घरों में कम्प्यूटर पहुंच गया है तो महाराष्टï्र में ऐसे घरों की संख्या १३.३० प्रतिशत है।

हरियाना में ऐसे घरों की संख्या १३.२० प्रतिशत,कनार्टक में १२.८० प्रतिशत, पंजाब में १२.८० प्रतिशत, सिक्किम में ११.६० प्रतिशत,तमिलनाडु में १०.६० प्रतिशत घरों में कम्प्यूटर या लैपटपाट पहुंच गया है।  असम व दमन में ९.३० प्रतिशत, मणिपुर में ९ फीसदी, नागालैंड में ८.९० प्रतिशत, गुजरात व अंडमान निकोबार में ८.८० प्रतिशत,जम्मू-कश्मीर,आंध्रप्रदेश व हिमांचल प्रदेश में ८.४० प्रतिशत,पश्चिम बंगाल में ८.३० प्रतिशत, दादर एंड नागर हवेली में ८.२० प्रतिशत, अरुणाचल प्रदेश में ८.१० प्रतिशत घरों में कम्प्यूटर या लैपटाप पहुंच गया है। मेघालय में ७.६० प्रतिशत, त्रिपुरा में ऐसे घरों की संख्या ७.४० प्रतिशत तो बिहार में ७ प्रतिशत,राजस्थान व झारखंड में ६.९० प्रतिशत घरों में कम्प्यूटर क्रांति की अलख पहुंच गयी है। मध्य प्रदेश में ५.९० प्रतिशत,उड़ीसा में ५.१० प्रतिशत घरों में कम्प्यूटर या लैपटाप पहुंच गया है।


2 टिप्‍पणियां:

Unknown ने कहा…

दिनेशजी, आपकी कला और योग्यता को सलाम। आप वास्तव में पत्रकार हैं। आप जीवन्त पत्रकार हैं। आपकी पारदर्शिता की परख सबको शायद नहीं है। समय लगेगा। लोग आपको समझ जाएंगे। आप निरन्तर अग्रसर रहें। ढेर सारी दुआएँ।

Unknown ने कहा…

दिनेशजी, आपकी कला और योग्यता को सलाम। आप वास्तव में पत्रकार हैं। आप जीवन्त पत्रकार हैं। आपकी पारदर्शिता की परख सबको शायद नहीं है। समय लगेगा। लोग आपको समझ जाएंगे। आप निरन्तर अग्रसर रहें। ढेर सारी दुआएँ।

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