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सोमवार, 6 मई 2013

यूपी में रोजाना साढ़े छह करोड़ लड़ते हैं रोटी की जंग

-यूपी के ग्रामीण इलाकों में है मजदूरों की संख्या पांच करोड़ १९ लाख ५० हजार ९८०
-सूबे के शहरों में रोजाना एक करोड़ ३८ लाख ६३ हजार ७३५ लोग करते है दिहाड़ी
दिनेश चंद्र मिश्र
लखनऊ। बीस करोड़ की आबादी वाले उत्तरप्रदेश में रोजाना साढ़े छह करोड़ से ज्यादा लोगों रोजी-रोटी हासिल करने की जंग लड़ते हैं। एक तिहाई से ज्यादा आबादी मजदूरी कर रही है। मजदूरों की इतनी बड़ी संख्या देश के किसी भी प्रदेश में नहीं है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों को देखकर उत्तर प्रदेश का विकास के किस पायदान पर खड़ा है,इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। उत्तर प्रदेश में मजदूरों की संख्या छह करोड़ ५८ लाख १४ हजार ७१५ दर्ज की गयी है। इसमें पुरुषों की संख्या चार करोड़ ९८ लाख ४६ हजार ७६२ तथा महिला मजदूरों की संख्या एक करोड़ ५९ लाख ६७ हजार ९५३ है।
उत्तर प्रदेश में मजदूरों की संख्या को लेकर तीस अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा जारी आंकड़ों से जो तस्वीर उभरकर आयी है, वह बताती है उत्तर प्रदेश में रोजी-रोटी के लिए लोगों को कितना संघर्ष करना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में मजदूरों की संख्या पांच करोड़ १९ लाख ५० हजार ९८० दर्ज की गयी है। जबकि सूबे के शहरों में भी रोजाना एक करोड़ ३८ लाख ६३ हजार ७३५ लोग करते है मजदूरी। गाजियाबाद और गौतमबुद्घनगर को छोडक़र प्रदेश के सभी जिलों में ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों की संख्या शहर की तुलना में ज्यादा है। मजदूरों की यह संख्या बता रही है कि प्रदेश में रोजी-रोटी के लिए लोग कितना संघर्ष कर रहे हैं।
मजदूरों की संख्या उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा इलाहाबाद में २१११९०७ मजदूर है। श्रम नगरी कानपुर में १५७२२३२ है। कानपुर शहर में दस लाख से ज्यादा तो देहात में पांच लाख से ज्यादा मजदूर रोजाना रोजी-रोटी की जंग लड़ रहे हैं। लखनऊ में १५ लाख ४२ हजार आठ सौ छह मजदूरों की गिनती हुई है। लखनऊ शहर में इनकी संख्या  १०२०६४६, देहात में ५२२१६० है। उसके बाद गाजियाबाद में १५ लाख २० हजार ५३८ है। गाजियाबाद शहर में १०२४४६१ तथा देहात में ४९६०७७ लोग मजदूरी कर रहे हैं।  सीतापुर में १४२२६०२,पीतल नगरी मुरादाबाद में  १४१७८११, बरेली में १४०१९७१,आगरा में १३८९८४४, हरदोई में १३१८९४६,लखीमपुर खीरी में १२६४७१८,रायबरेली में १२०७१०,अलीगढ़ में ११७४३६१, बुलन्दशहर में ११७३२६०,उन्नावं में ११२४७४४, बंदायू में ११०७३४३,मेरठ में १०९०५३९, शाहजहांपुर में ८९२२१४, मथुरा में ८४०९३९, फिरोजाबबाद में ७६१५२१, पीलीभीत में ६१८६०५,मैनपुरी में ५६०८४०,रामपुर में  ७३७२६१, ज्योतिबफूलेनगर में ५९९०८९,बागपत में ४१६६९५,सहारनपुर में १०३७३४४,मुज्जफरनगर में १२९१६४४,बिजनौर में १०८८०३६, महामायानगर में ४८४११५,फर्रूखाबाद में ५३२२६७,कन्नौज में ५२४६७६,इटावा में ५०६०७२, औरेया में ४४२०२३, कानपुर देहात में ६२८८६४, जालौन में ६२०७६४, झांसी में ८१४९१४,ललितपुर में ५०३३५१, हमीरपुर में ४४३६५५, महोबाद में ३४९६७६, बांदा में ७०१६८९, चित्रकूट में ३९४१९७, फतेहपुर में १०६३९२९,प्रतापगढ़ में १०६६६०१,कौशांबी में ६३९०८६,बाराबंकी में ११९२८५०,फैजाबाद में ८३१२०९,अंबेडकरनगर में ७८७३९८, सुल्तानपुर में १२४२६३२, बहराइच में ११५२१६०, श्रावस्ती में ४०३७५५,बलरामपुर में ७६०२५३,गोंडा में ११७०५५२,सिद्घार्थनगर में ८७८८९८,बस्ती में ७८३६८८,संतकबीर नगर में ५३९४६९, गोरखपुर में १३५१६२९,महाराजगंज में ९९४२५३, कुशीनगर में १११६९७३, देवरिया में ८७६२४६, आजमगढ़ में १३७२०३२,मऊ में ६९६७४७, बलिया में १०१९४८३, जौनपुर में १४३७३७५, गाजीपुर में १२०४६०२, चंदौली में ६५२५४३, वाराणसी में १२२०७०८, भदोही में ४७०६०८, मिर्जापुर में ८८१९९६, सोनभद्र में ७३०३९९, एटा में ५४५९८४ एवं कांशीरामनगर में ३७५२१३ मजदूरों की संख्या दर्ज की गयी है।

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